इंतज़ार के उस पार — जहाँ तुम मिलोगी

 # ❤️ **इंतज़ार के उस पार जहाँ तुम मिलोगी**


इंतज़ार के उस पार — जहाँ तुम मिलोगी

कहते हैं

हर कहानी का एक अंत होता है…

पर कुछ कहानियाँ

अंत तक पहुँचने से पहले ही

इतनी गहरी हो जाती हैं

कि वो अंत नहीं,

एक शुरुआत बन जाती हैं।

हमारी कहानी भी शायद वैसी ही है

अधूरी होकर भी पूरी,

दूर होकर भी पास।

तुमसे मिलना

कोई तय तारीख़ नहीं था,

ना ही किसी कैलेंडर में लिखा हुआ दिन।

वो बस एक पल था,

जो अचानक आया

और मेरी पूरी दुनिया बदल गया।

उस दिन जब तुमने

हल्के से “हाय” कहा था,

तो मुझे लगा

जैसे किसी ने मेरे भीतर

एक नया सूरज जला दिया हो।

तुम्हारी आवाज़ में

एक अजीब-सी सुकून था,

जैसे बरसों से थका हुआ मन

अचानक घर लौट आया हो।

फिर वक्त बीता…

और हम दूर हो गए।

इतने दूर

कि बातें भी

सिर्फ़ यादों में रह गईं।

पर अजीब बात ये है

दूरी ने तुम्हें मुझसे छीना नहीं,

बल्कि और करीब कर दिया।

अब हर सुबह

तुमसे शुरू होती है,

और हर रात

तुम पर खत्म।

कभी-कभी सोचता हूँ

क्या सच में हम फिर मिलेंगे?

या ये इंतज़ार

बस एक खूबसूरत धोखा है?

पर फिर

दिल के किसी कोने से

एक धीमी-सी आवाज़ आती है

**“हाँ, तुम मिलोगी…”**

मैंने उस आवाज़ पर

यकीन करना सीख लिया है।

जैसे कोई बच्चा

अंधेरे में भी

अपने घर का रास्ता पहचान लेता है।

तुम्हारी याद

अब दर्द नहीं देती,

वो एक उम्मीद बन गई है।

एक ऐसी उम्मीद

जो हर दिन मुझे

थोड़ा और मजबूत बनाती है।

मैंने इंतज़ार को

अब बोझ नहीं माना,

मैंने उसे

एक खूबसूरत सफर बना लिया है।

जहाँ हर दिन

तुम्हारे और करीब ले जाता है,

भले ही तुम सामने ना हो

कभी बारिश होती है,

तो लगता है

जैसे तुमने

दूर कहीं से

मुझे छू लिया हो।

कभी हवा चलती है,

तो उसमें

तुम्हारी खुशबू महसूस होती है।

और जब रात आती है,

तो चाँद से बातें करता हूँ।

वो मुस्कुराकर पूछता है

अब भी इंतज़ार कर रहे हो?”

मैं हँसकर कहता हूँ

**“हाँ… क्योंकि यकीन है।”**

तुम जानती हो?

इंतज़ार भी प्यार का

सबसे सच्चा रूप होता है।

क्योंकि इसमें

कोई जल्दबाज़ी नहीं होती,

कोई शिकायत नहीं होती,

बस एक शांत-सा भरोसा होता है

कभी-कभी

थोड़ा थक जाता हूँ…

सोचता हूँ

कितना लंबा है ये रास्ता?

पर फिर

तुम्हारी वो मुस्कान याद आती है,

और मैं फिर चल पड़ता हूँ।

मैंने अपने सपनों में

तुम्हारे लिए

एक जगह बना रखी है।

जहाँ

तुम्हारी हँसी गूंजती है,

और मेरी धड़कन

तुम्हारे नाम से चलती है।

वहाँ कोई दूरी नहीं,

कोई सवाल नहीं,

बस हम हैं…

और हमारा वो अधूरा-सा सपना।

मुझे नहीं पता

कब वो दिन आएगा…

पर मुझे ये ज़रूर पता है

कि वो आएगा।

एक सुबह

अचानक से

तुम मेरे सामने खड़ी होगी।

और मैं

कुछ पल के लिए

कुछ कह नहीं पाऊँगा।

तुम मुस्कुराकर पूछोगी

इतना इंतज़ार क्यों किया?”

और मैं

धीरे से कहूँगा

**“क्योंकि मुझे यकीन था

कि तुम आओगी…”**

उस पल

सारे सवाल खत्म हो जाएँगे,

सारी दूरियाँ मिट जाएँगी।

और जो समय

इतने सालों से भाग रहा था,

वो अचानक

हमारे लिए रुक जाएगा।

हम चुप रहेंगे…

पर वो खामोशी

सब कुछ कह देगी।

तुम्हारा हाथ

जब मेरे हाथ में होगा,

तो लगेगा

जैसे सारी दुनिया

एक ही जगह सिमट गई हो।

तुम्हारी आँखों में

मैं खुद को देखूँगा,

और समझ जाऊँगा

कि ये सफर

बेकार नहीं था।

हर वो रात

जो तुम्हारे बिना बीती,

हर वो पल

जो इंतज़ार में गुज़रा,

सब कुछ

इस एक मुलाकात के लिए था।

तुम कहोगी

मैं भी इंतज़ार कर रही थी…”

और मैं

बस मुस्कुरा दूँगा।

क्योंकि कुछ बातें

कहने की नहीं,

महसूस करने की होती हैं।

उस दिन

हम कोई वादा नहीं करेंगे,

कोई कसम नहीं खाएँगे।


इंतज़ार के उस पार — जहाँ तुम मिलोगी


क्योंकि

जो प्यार इंतज़ार सह सकता है,

उसे वादों की ज़रूरत नहीं होती।

हम बस

एक-दूसरे का हाथ थामे

चलते रहेंगे…

बिना डरे,

बिना रुके।

और अगर कभी

फिर से रास्ते मुश्किल हुए,

तो भी अब फर्क नहीं पड़ेगा।

क्योंकि हमने

इंतज़ार जीत लिया है।

अब हमें

कुछ भी नहीं हरा सकता।

तुम मेरी वो सुबह हो

जिसका इंतज़ार हर रात करती है।

और मैं

तुम्हारी वो शाम,

जो हर दिन तुम्हें

अपने पास बुलाती है।

हम दोनों

अब अधूरे नहीं हैं,

क्योंकि हमने

एक-दूसरे को पा लिया है।

और अगर कभी

फिर से दूरियाँ आएँ,

तो भी हमें डर नहीं लगेगा।

क्योंकि अब हमें पता है

कि हम मिल सकते हैं।

यही भरोसा

हमारा सबसे बड़ा सहारा है।

कहते हैं

हर इंतज़ार का एक अंत होता है…

पर हमारा इंतज़ार

अंत नहीं था

वो तो एक शुरुआत थी।

एक नई कहानी की,

एक नए सफर की,

जहाँ अब

हम साथ हैं।

और अब

जब भी कोई पूछे

क्या इंतज़ार करना सही था?”

तो मैं मुस्कुराकर कहूँगा

**“हाँ

क्योंकि उस इंतज़ार के बाद

वो मिली थी।”**

ये कविता यहीं खत्म होती है,

पर हमारी कहानी नहीं।

क्योंकि अब

हर दिन

एक नई शुरुआत है।

और हर शुरुआत में

तुम हो। ❤️

टिप्पणियाँ